पुष्य नक्षत्र पर हुआ स्वर्ण प्राशन का आयोजन, 308 बच्चों ने लिया लाभ

पुष्य नक्षत्र पर हुआ स्वर्ण प्राशन का आयोजन, 308 बच्चों ने लिया लाभ

बिलासपुर, 12 फरवरी 2025 – शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय के बाल रोग विभाग द्वारा आज पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर स्वर्ण प्राशन का आयोजन किया गया, जिसमें 308 बच्चों को औषधीय स्वर्ण का सेवन कराया गया। यह कार्यक्रम फरवरी 2023 से निरंतर हर पुष्य नक्षत्र पर आयोजित किया जा रहा है, जिससे अब तक हजारों बच्चों ने लाभ उठाया है।

चिकित्सकों के अनुसार, स्वर्ण प्राशन एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होती है। शास्त्रों के अनुसार, यदि इसे एक माह तक नियमित रूप से दिया जाए तो बच्चा अत्यंत मेधावी बन जाता है, और छह माह तक सेवन करने पर उसे श्रुतधर (सुनकर ही याद करने की क्षमता) प्राप्त होती है।

आज का कार्यक्रम प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया गया, जिसका संचालन बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विद्या भूषण पांडेय ने किया और चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. रक्षपाल गुप्ता के मार्गदर्शन में यह सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस आयोजन में चिकित्सालयीन स्टाफ कुलदीप जांगड़े, नर्सिंग स्टाफ रजनी, कंप्यूटर ऑपरेटर रवीश अग्रवाल, इंटर्न डॉक्टर दीपक सैनी एवं अन्य इंटर्न डॉक्टरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आयुर्वेदिक चिकित्सा में स्वर्ण प्राशन को विशेष महत्व प्राप्त है और इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों के संपूर्ण विकास में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहा है। आगामी पुष्य नक्षत्र में भी इस कार्यक्रम को जारी रखने की योजना बनाई गई है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

 

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